रविवार को राज्य में मिले 222 नए कोरोना मरीज, 4 की हुई मौत.

उत्तराखंड : राज्य में रविवार को 222 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं और पॉजिटिविटी दर 2.08 फीसद रही। अब तक उत्तराखंड में 62550 लोग संक्रमण की जद में आए हैं। इनमें से 57101 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। वर्तमान में 3914 एक्टिव केस हैं, जबकि 508 मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, रविवार को निजी व सरकारी लैब से कुल 10637 सैंपल की रिपोर्ट मिली है। जिनमें 10415 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में सबसे ज्यादा 48 लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं देहरादून में भी 44 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा हरिद्वार में 37, नैनीताल में 32, टिहरी गढ़वाल में 19 व रुद्रप्रयाग में 12 नए मामले मिले हैं। ऊधमसिंह नगर में 8, उत्तरकाशी में 7, चंपावत में 6, चमोली में 5 और बागेश्वर व पिथौरागढ़ में भी 2-2 लोग में कोरोना की पुष्टि हुई है। अल्मोड़ा में कोरोना का कोई नया मामला नहीं है।

4 मरीजों की हुई मौत
चिंता की बात ये है कि राज्य में कोरोना मृत्यु दर में कमी नहीं आ रही है। अभी भी मृत्यु दर 1.64 फीसद है, जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। रविवार को भी प्रदेश में कोरोना संक्रमित चार मरीजों की मौत हुई है। इनमें एम्स ऋषिकेश, दून मेडिकल कॉलेज, बेस अस्पताल अल्मोड़ा व बेस अस्पताल श्रीनगर में एक-एक मरीज की मौत हुई है। अब तक कुल 1027 मरीजों की मौत राज्य में हो चुकी है।

90 फीसद से ऊपर रिकवरी दर
कोरोना महामारी के इस वक्त में अच्छी बात यह है कि रिकवरी दर अब लगातार 90 फीसद से ऊपर बनी हुई है। रविवार को भी अलग-अलग जिलों में 178 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इनमें 56 देहरादून, 40 रुद्रप्रयाग, 25 अल्मोड़ा, 18 चमोली, 11 नैनीताल, 8 उत्तरकाशी, 7 हरिद्वार, 6 पौड़ी, 5 टिहरी व 2 मरीज पिथौरागढ़ से हैं। वर्तमान में प्रदेश में रिकवरी दर 91.29 फीसद है।

कंटेंटमेंट जोन से मुक्त हुए दो इलाके
जिलाधिकारी डा. आशीष श्रीवास्तव ने नगर निगम क्षेत्र के दो इलाकों को कंटेंटमेंट जोन से मुक्त कर दिया है। इन इलाकों में सिटी बोर्ड स्कूल वाली गली-23 धर्मपुर और शहीद-215 रक्षा विहार फेस-2 वर्ल्‍ड स्कूल के पीछे रायपुर रोड शामिल हैं। यहां कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद कंटेंटमेंट जोन बनाए गए थे।
जिलाधिकारी ने बताया कि इन क्षेत्रों का 14 दिन तक एक्टिव सर्विलांस किया गया। इस दौरान किसी भी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण नही पाए गए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 को सतर्कता से ही हराया जा सकता है। इसलिए जब तक दवाई नहीं आ जाती तब तक केंद्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करते रहें।

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