सात महीने बाद राज्य में फिर खुले स्कूल, कोरोना नियमों का करना होगा होगा सख्ती से पालन.

उत्तराखंड : राज्यभर में करीब सात महीने बाद सोमवार से स्कूल फिर खुल गए हैं। इसके पहले चरण में बोर्ड परीक्षाओं वाले 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्कूल बुलाया गया है। स्कूल खोलने को लेकर शासन की ओर से एसओपी जारी की गई है, जिसका सख्ती से पालन करना जरुरी होगा।
मुख्यमंत्री ने रविवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इसे देखते हुए स्कूलों में कोरोना संक्रमण रोकने के सभी उपायों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कक्षाओं में शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना भी जरुरी है। गेट पर सैनिटाइजर का उपयोग भी करना होगा। सभी स्कूलों में कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन हो, इसके लिए शिक्षा निदेशालय को निर्देशित किया जा चुका है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अभी सरकार की प्राथमिकता बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए 10वीं व 12वीं की कक्षाओं को शुरू करना है। इसके बाद छोटी कक्षाओं का शुरू करने पर विचार किया जाएगा।

केंद्रीय विद्यालय में भी होंगी दो शिफ्ट
सरकारी स्कूलों के अलावा अब सभी केंद्रीय विद्यालय भी खुलने जा रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय संभाग की उपायुक्त मीनाक्षी जैन ने बताया कि सरकार के आदेश के मुताबिक सभी केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे। 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को दो अलग-अलग शिफ्ट में बुलाया जाएगा।
पहली शिफ्ट में 9:00 से 11:30 के बीच दसवीं कक्षा के छात्र छात्रओं की पढ़ाई होगी। दूसरी शिफ्ट में 12:00 से 2:30 के बीच 12वीं के छात्र छात्राओं को बुलाया गया है। एक कक्षा में हर स्कूल के क्लास रूम का साइज देखते हुए 12 से ऊपर ज्यादा-से-ज्यादा 18 छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ाई कर सकेंगे।

स्कूलों में इन बातों का रखना होगा ध्यान
किसी भी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्रा को बिना मास्क स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी।
विद्यालय के एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही एंट्री मिलेगी।
छात्र-छात्राओं को अभिभावक के सहमति पत्र भी साथ लाना होगा।
स्कूल परिसर में सुबह एवं शाम दोनों समय सैनिटाइजेशन करवाना जरुरी होगा।
प्रबंधन को बाथरूम, क्लासरूम और विद्यालय परिसर को साफ सुथरा रखना होगा।
स्कूलों में प्रार्थना सभा, खेल आयोजन या अन्य सामूहिक आयोजन नहीं होंगे।

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