विधेयक के अनुसार अब सभी विधायकों के वेतन-भत्तों से समान होगी कटौती.

उत्तराखंड : बुधवार को आयोजित विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक पारित हुआ जिसके अनुसार अब नेता प्रतिपक्ष समेत सभी विधायकों के वेतन-भत्ते से 30 फीसद कटौती होगी। अब वेतन-भत्तों में कटौती के लिए विधायकों की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। वहीं अब विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन से भी आयकर के लिए कटौती की जाएगी।
मुख्यमंत्री सहित सभी विधायकों और मंत्रियों के वेतन और भत्तों में 30 फीसद कटौती के फैसले को लेकर विधायकों में विवाद पैदा हो गया था। सरकार का फैसला होने के बावजूद विधायक इस कटौती को कराने से हिचक चुके हैं। विधानसभा में उत्तराखंड मंडल विधेयक पारित होने के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन से आयकर काटा जा सकेगा। इस पहले यह भुगतान सरकार की ओर से किया जाता था। विधेयक के कानून बनने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

करने होंगे चार सुधार
कोरोना संकट में लॉकडाउन के कारण राज्य में आर्थिक संसाधनों में कमी आई और राज्य में बाकी खर्चों का बोझ बढ़ गया है। इस हालत में केंद्र सरकार ने राज्य को अलग-अलग सुधार करने के लिए निर्धारित राजकोषीय घाटे की वार्षिक सीमा तीन फीसद में दो फीसद का इजाफा कर कर्ज लेने की अनुमति दी है। राज्य अब पांच फीसद तक कर्ज ले सकता है। इस बारे में पहले लाए गए अध्यादेश को अब विधेयक के रूप में सदन ने पारित किया है। इस फायदे को पाने के लिए एक राष्ट्र एक राशन कार्ड, ईज ऑफ डूईग बिजनेस का जिला स्तर पर क्रियान्वयन और लाइसेंसिंग सुधार करने होंगे। इसके साथ ही स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण को सुधार जरूरी हो गए हैं। शहरी निकायों को प्रचलित सर्किल रेट के आधार पर घर व भूमि कर की व्यवस्था लागू करनी होगी।
चौथा सुधार ऊर्जा क्षेत्र में करना है। ऊर्जा क्षेत्र में लाइन लॉस कम करने के लिए ठोस उपाय करने होंगे। डीएम स्वीकृत करेंगे जिला योजना उत्तराखंड जिला योजना समिति (संशोधन) विधेयक विधानसभा से पारित हो गया। इस संशोधन के बाद वर्तमान आपातकालीन परिस्थितियों के कारण जिला योजना समिति का निर्वाचन संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए जिले में जिलाधिकारी को प्रस्तावित जिला योजना स्वीकृत करने और लागू करने के लिए अधिकृत किया गया है।

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