Haridwar: हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार अमावस्या के दिन यानी सोमवती अमावस्या के मौके पर उत्तर भारत के कई तीर्थ स्थलों के घाटों और मंदिरों में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में, इस मौके पर पवित्र डुबकी लगाने और विशेष अनुष्ठान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा किनारे ‘हर की पौड़ी’ पर एकत्र हुए।यहां काफी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की वजह से हरिद्वार जाने वाली सड़कों पर भारी जाम लग गया। यातायात को नियंत्रित करने और पार्किंग की व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारियों को ज्यादा कर्मचारियों को तैनात करना पड़ा।हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भी आस्था का कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां लोग पवित्र ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर पर पिंडदान जैसी रस्में निभाने के लिए इकट्ठा हुए। स्थानीय पुजारियों ने बताया कि इस साल सोमवती अमावस्या के साथ दूसरे शुभ खगोलीय संयोग बन रहे हैं इससे ये दिन काफी खास बना गया है।हिंदू कैलेंडर में सोमवती अमावस्या का खास महत्व है। इस दिन श्रद्धालु अपने पूर्वजों के सम्मान और परिवार की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं, धार्मिक रीति-रिवाज निभाते हैं और पवित्र घाटों पर स्नान करते हैं।

