सोमवार को राज्य में मिले 368 नए कोरोना संक्रमित मरीज, कुल मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 60 हजार के पार.

उत्तराखंड : राज्य में कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित मरीजों की रफ्तार धीमी हुई है, परन्तु इसी बीच मौत का आंकड़ा एक हजार पार हो गया है। सोमवार को 368 नए संक्रमित मामले मिले और 8 मरीजों की मौत हुई है। 700 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 60744 पहुंच गई है और इनमें सक्रिय मरीज 4080 हो गए हैं। 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को 8398 सैंपल निगेटिव मिले हैं। देहरादून जिले में सबसे अधिक 97 कोरोना मरीज मिले। जबकि, टिहरी में 47, नैनीताल में 45, हरिद्वार में 42, ऊधमसिंह नगर में 22, चमोली में 20, पौड़ी में 19, पिथौरागढ़ में 19, रुद्रप्रयाग में 18, बागेश्वर में 13, उत्तरकाशी में 10, चंपावत में 9 व अल्मोड़ा जिले में 7 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं।
राज्य में सोमवार को आज 8 मरीजों की मौत हुई। इसमें एम्स ऋषिकेश में चार, मैक्स हॉस्पिटल में एक, हिमालयन हॉस्पिटल में एक, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक, जिला अस्पताल ऊधमसिंह नगर में एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। अब कुल मरने वालों की संख्या 1001 और  ठीक होने वालों की संख्या 55188 हो गई है।

राज्य में रिकवरी दर 91 प्रतिशत पहुंचा
राज्य में कोरोना काल के 224 दिनों में 55 हजार से ज्यादा संक्रमितों ने कोरोना को मात दी है। रिकवरी दर 91 प्रतिशत पहुंच गई है, लेकिन अभी भी लगातार संक्रमित मरीजों की मौतें बढ़ रही हैं।
कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में रोजाना संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज ठीक होकर घर लौट रहे हैं। रिकवरी दर के ग्राफ में सुधार हो रहा है, जबकि मृत्यु दर अभी भी थम नहीं रही है।

कम हुई कंटेनमेंट जोन की संख्या
राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने से कंटेनमेंट जोन की बंदिशों से भी मुक्ति मिल रही है। बीते एक महीने के अंदर कंटेनमेंट जोन की संख्या 450 से घटकर अब 57 पर आ गई है।
अनलॉक-4 में कोरोना संक्रमित मामले तेजी से बढ़ने की वजह से इसकी रोकथाम के लिए कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ी थी। 28 सितंबर को राज्य में 450 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। वर्तमान में छह जिलों में कंटेनमेंट जोन की संख्या 57 रह गई है। इसमें देहरादून जिले में 26, उत्तरकाशी में 14, पौड़ी में एक, हरिद्वार में 5, नैनीताल में 9, चंपावत में 2 कंटेनमेंट जोन हैं। इनमें आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।
प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का अधिकार है। मौजूदा वक्त में पहले के मुकाबले संक्रमित मामलों में कमी आई है। इससे कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटी है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। लोगों को बचाव के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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