चारधाम यात्रा 2025 के अंतर्गत गंगोत्री और भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो चुके हैं। आज भाईदूज के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम में मां यमुना मंदिर के कपाट भी छह माह के लिए बंद कर दिए गए। विशेष पूजाओं के बाद दोपहर 12:30 बजे मां यमुना के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इससे पहले सुबह करीब 8 बजे खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली वाद्य यंत्रों के साथ धाम के लिए रवाना हुई थी। वहां पहुंचने पर शनिदेव महाराज ने यमुना नदी में स्नान कर अपनी बहन यमुना के साथ कपाट बंद होने के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। इसके बाद मां यमुना की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव के लिए रवाना हुई। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु यहीं मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। वहीं, गंगोत्री धाम में मां गंगा मंदिर के कपाट अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मुहूर्त में पूर्वाह्न 11:36 बजे विधिविधान के साथ बंद किए गए। मां गंगा की उत्सव डोली और भोगमूर्ति अब छह माह तक मुखबा गांव में प्रवास करेंगी। इस वर्ष गंगोत्री धाम में कुल 7,58,249 श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन किए।

