आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारकों को अब मिलेगा फ्री प्लेटलेट और प्लाज्मा, कैशलेस होगा इलाज.

उत्तराखंड : देखा गया है कि कोरोना संक्रमण के इलाज में प्लाज्मा थैरेपी बेहद मददगार है। प्लाज्मा थैरेपी केवल उन्हीं मरीजों को दी जाती है जो कि गंभीर हैं और जिनकी हालत दिन-प्रतिदिन और खराब हो रही है। अब उत्तराखंड में भी राज्य आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारक प्लाज्मा थैरेपी का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए उन्हें कोई भी अलग से चार्ज नहीं देना पड़ेगा।
राज्य में आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारकों को कैशलेस प्लाज्मा और प्लेटलेट्स का इलाज मिलेगा। प्लाज्मा और प्लेटलेट के लिए आयुष्मान योजना में अलग से पैकेज होगा। राज्य सरकार का यह फैसला कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब योजना में प्लाज्मा और प्लेटलेट संबंधी सुविधा के शामिल होने से गरीब मरीज भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे, जिससे ज्यादा-से-ज्यादा मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड पर मरीजों का कोरोना या अन्य बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। अब राज्य आयुष्मान योजना में प्लाज्मा और प्लेटलेट के लिए अलग से पैकेज होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें प्लाज्मा और प्लेटलेट के तय किए  गए रेट को पैकेज में शामिल करने की बात लिखी गई है। ऐसा होने पर राज्य आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को प्लाज्मा और प्लेटलेट का कैशलेश इलाज मिलेगा।
जो मरीज गंभीर रूप से बीमार हैं, यदि उनको प्लाज्मा या प्लेटलेट की जरूरत पड़ती है, तो उसे अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा राज्य में पहली बार प्लाज्मा और प्लेटलेट के रेट भी तय किए गए हैं। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों को इसके लिए 9000 रुपये देने होंगे। जबकि निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए 12 हजार रुपये की दर निर्धारित की गई है।
कोरोना के अलावा डेंगू के मरीजों के लिए भी प्लाज्मा और प्लेटलेट की जरूरत पड़ती है। अब सरकार ने प्लाज्मा और प्लेटलेट के रेट तय कर दिए हैं। तय रेट को आयुष्मान योजना के पैकेज में शामिल करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों के लिए यह कैशलेस रहेगा। प्लाज्मा और प्लेटलेट के लिए अलग से पैकेज बनाया जा रहा है।
अगर कोई मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहा है और उसे प्लाज्मा की जरूरत पड़ती है तो इलाज का भुगतान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की तरफ से किया जाएगा। फिलहाल उत्तराखंड में गोल्डन कार्डधारक लाभार्थियों की संख्या 39 लाख है। अब ये लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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