देहरादून : गुरुवार को एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह कोरोना संक्रमण के चलते ऑनलाइन आयोजित किया गया। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद यह राज्य का पहला ऑनलाइन दीक्षांत समारोह रहा।
दून मेडिकल कॉलेज स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मेडिकल नर्सिंग और पैरामेडिकल के 922 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। जिनमें एमडी-एमएस के 82, एमबीबीएस के 176, एमएससी नर्सिंग के 63, बीएससी नर्सिंग के 319, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के 97, एनपीसीसी के पांच और पैरामेडिकल के 180 छात्र-छात्राओं की डिग्रियां शामिल हैं।
इसके अलावा 19 छात्र-छात्राओं को चांसलर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं चार को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी गई। वहीं चार को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी गई। साथ ही चार को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र के लिये डा. एमसी पंत पुरस्कार दिया गया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत दून मेडिकल कॉलेज परिसर में होने वाले इस आयोजन का हिस्सा बने, जबकि राज्यपाल बेबी रानी मौर्य इस समारोह में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी रही।
समारोह में एम्स दिल्ली के एमएस और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन के वाइस प्रेसीडेंट डॉ. डीके शर्मा, एचएनबी मेडिकल विवि के पूर्व कुलपति डॉ. सौदान सिंह, एम्स जोधपुर के संस्थापक निदेशक प्रो. संजीव मिश्रा और पद्मश्री डॉ. सुनील प्रधान को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि इस बार कोविड-19 की वजह से बड़े स्तर पर दीक्षांत समारोह नहीं हो रहा है। 19 टॉपर छात्रों के साथ ही एमसी पंत अवार्ड हासिल करने वाले चार छात्रों को समारोह में आमंत्रित किया गया है।

