कोरोना के चलते जेईई-एडवांस्ड में सभी वर्गों की कटऑफ में काफी गिरावट.

उत्तराखंड : इस बार कोरोना संक्रमण के चलते आयोजित हुई जेईई-एडवांस्ड में सभी वर्गों की कटऑफ में काफी गिरावट देखने को मिली है। इस बार सामान्य वर्ग में कुल 394 में न्यूनतम 69 अंक, अन्य पिछड़ा वर्ग व सामान्य ईडब्ल्यूएस में 62-62 अंक और एससी-एसटी व दिव्यांग के लिए 34-34 अंक के आधार पर अभ्यर्थी को क्वालीफाई घोषित किया गया है।
पिछले साल से इसकी तुलना करें तो सामान्य वर्ग की कटऑफ 25 से घटकर 17.5 प्रतिशत, ओबीसी व ईडब्ल्यूएस की कटऑफ 22.5 से घटकर 15.75 प्रतिशत, एससी-एसटी व दिव्यांग वर्ग की कटऑफ 12.5 से घटकर 8.75 प्रतिशत रह गई है। जिससे पिछले साल क्वालिफाई 38,705 की तुलना में इस वर्ष 43,204 अभ्यर्थी क्वालिफाई हुए हैं। इसमें 4,499 ज्यादा विद्यार्थियों को काउंसिलिंग में भाग लेने का मौका मिलेगा। इस बारे में विशेषज्ञ मनु पंत ने कहा कि जेईई-एडवांस्ड में सामान्य कटऑफ न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक दी गई थी, जिसे पचास प्रतिशत कम करते 17.5 प्रतिशत कर दिया गया है।

होगी छह राउंड की काउंसिलिंग
जेईई-एडवांस्ड में चयनित अभ्यर्थी ज्वाइंट सीट अलॉटमेंट अथॉरिटी (जोसा) वेबसाइट पर छह अक्टूबर सुबह दस बजे से रजिस्ट्रेशन व रैंक के अनुसार च्वाइस फिलिंग प्रारंभ कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक जारी रहेगी। पहले चरण में 12 अक्टूबर को मॉक सीट आवंटन-1 व 14 अक्टूबर को मॉक सीट आवंटन-2 होगा। च्वाइस फिलिंग के बाद 17 अक्टूबर को सीट आवंटन-1, 21 अक्टूबर को सीट आवंटन-2, 26 अक्टूबर को सीट आवंटन-3, 30 अक्टूबर को सीट आवंटन-4, 3 नवंबर को सीट आवंटन-5 व सात नवंबर को सीट आवंटन-6 पूरा होगा।

75 प्रतिशत अंक जरुरी नहीं 
इस साल केंद्र सरकार ने आइआइटी में दाखिले के लिए 12वीं में सामान्य वर्ग के लिए कम-से-कम 75 व एससी-एसटी के लिए 65 फीसदी अंकों की अनिवार्यता व टॉप-20 पर्सेंटाइल में किसी एक शर्त को पूरा करना भी हटा दिया है। इससे आइआइटी में पहुंचने की राह और आसान हो गई है। सिर्फ जेईई-एडवांस्ड की रैंक के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे।

नंबर ठीक नहीं, तो घबराएं नहीं
आइआइटी में पढ़ने का सपना हर एक छात्र का होता है। इस बार अगर किसी ने आइआइटी के लिए जेईई-एडवांस्ड दिया था और नंबर ठीक नहीं आए हैं, तो भी घबराने की बात नहीं है। क्योंकि महज 10 अंक पर भी आपके लिए आइआइटी के दरवाजे खुले रहेंगे।
जेईई-एडवांस्ड में मात्र 2.625 प्रतिशत अंक लाने पर भी छात्रों को आइआइटी द्वारा संचालित एक साल के प्रिपरेटरी कोर्स में प्रवेश लेने का मौका मिलेगा। इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों के पास एडवांस्ड में भी शामिल होने का एक एक्स्ट्रा चांस मिलता है। यह मौका एससी, एसटी व पीएच कैटेगिरी के छात्रों के लिए होता है। देश भर के आइआइटी में प्रिपरेटरी कोर्स संचालित किया जाता है। इसमें प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी को कोर्स पूरा करने पर द्वितीय वर्ष में डायरेक्ट एंट्री मिलती है।
विशेषज्ञ विपिन बलूनी ने बताया कि बीते वर्षो में एडवांस्ड का स्तर काफी हाई रहा है और हर साल प्रवेश लेने का क्राइटेरिया भी बदला है। प्रिपरेटरी कोर्स उन सीटों के लिए है, जो रिक्त रह जाती हैं। ओबीसी की सीट खाली रहने पर सामान्य वर्ग को इन पर दाखिला दिया जाता है। लेकिन एससी, एसटी व दिव्यांग कोटे का अन्य श्रेणी से भरने का प्रविधान नहीं है। ऐसे में प्रिपरेटरी कोर्स में प्रवेश दिया जाता है।

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